Encroachment Delays Elderly Man’s Last Rites in Shivpuri; Family Performs Cremation by River|मुक्तिधाम पर अतिक्रमण से बुजुर्ग का अंतिम संस्कार रुका: शिवपुरी में परिजन सड़क पर शव रखकर बैठे, नदी किनारे कराया दाह संस्कार

शिवपुरी जिले के कोलारस जनपद के पचावला गांव में शुक्रवार को मुक्तिधाम पर अतिक्रमण के कारण एक बुजुर्ग का अंतिम संस्कार कई घंटों तक रुका रहा। परिजनों को शव सड़क पर रखकर इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद ग्रामीणों की मदद से मुक्तिधाम के पास बहती नदी किनारे अंतिम संस्कार कराया गया।

जानकारी के अनुसार, कोरवास निवासी बुजुर्ग श्यामलाल जाटव का निधन सजाई गांव में हुआ। उनका कोई बेटा नहीं था और वे अपनी बेटी के ससुराल में रह रहे थे। शुक्रवार शाम उनके दामाद शव को लेकर नदी पार पचावला गांव के मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे।

विवाद की स्थिति तक बनी
जब परिजन मुक्तिधाम पहुंचे, तो वहां आसपास की जमीन पर कब्जा कर खेती कर रहे एक ग्रामीण ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। उनका तर्क था कि पास खड़ी गेहूं की फसल में आग लग सकती है। इस बात को लेकर विवाद बढ़ गया और परिजन शव को सड़क पर रखकर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने शव को रास्ते में ही छोड़ने की बात भी कही।

मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने हस्तक्षेप किया और मुक्तिधाम के किनारे बहती नदी में अंतिम संस्कार करने का सुझाव दिया। इसके बाद शव यात्रा खाई से होकर नदी किनारे पहुंची, जहां बुजुर्ग का अंतिम संस्कार हुआ।

फसल कटाई के बाद हटेगा अतिक्रमण
पचावला पंचायत के सचिव ब्रजमोहन जाटव ने बताया कि मुक्तिधाम के आसपास की जमीन पर कुछ ग्रामीणों ने कब्जा कर फसल बोई है। उन्होंने कहा कि फसल सूखने की कगार पर है, इसलिए कटाई के बाद अतिक्रमण हटवाया जाएगा। जाटव ने यह भी कहा कि पचावला गांव के लोग आमतौर पर वहीं अंतिम संस्कार करते हैं, लेकिन इस परिवार को किसने रोका, इसकी जांच की जाएगी।

सजाई पंचायत के सचिव महेश रघुवंशी ने बताया कि सजाई गांव में भी मुक्तिधाम मौजूद है। इसके बावजूद शव को दूसरे गांव के मुक्तिधाम में क्यों ले जाया गया, इसकी जानकारी उनके पास नहीं है।

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