![]()
दतिया जिले के उनाव कस्बे के गोविंदगढ़ गांव में गर्मी का मौसम शुरू होते ही एक किसान ने अपनी 4 बीघा जमीन पर खीरे की खेती शुरू की है। इस खेती में लगभग 70 से 80 हजार रुपए का निवेश किया गया है और वर्तमान में हर दो दिन में करीब 20 से 22 क्विंटल खीरे का उत्पादन हो रहा है। बेहतर कीमत मिलने के लिए किसान अपनी उपज को झांसी की मंडी में बेच रहा है।
गर्मी की शुरुआत के साथ ही बाजार में सलाद में उपयोग होने वाली सब्जियों जैसे खीरा, ककड़ी, प्याज, मूली और चुकंदर की मांग तेजी से बढ़ गई है। इस बढ़ती मांग के कारण सब्जी उत्पादकों को इन दिनों अच्छा लाभ मिल रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए गोविंदगढ़ गांव के किसान मोनू दोहरे ने इस बार अपनी चार बीघा जमीन पर खीरे की फसल उगाई है।
किसान मोनू दोहरे के अनुसार, खीरे की खेती में किया गया निवेश बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी जैसे खर्चों को मिलाकर करीब 70 से 80 हजार रुपए है। उन्होंने बताया कि फसल की शुरुआती अवस्था में उत्पादन थोड़ा कमजोर नजर आ रहा है, लेकिन आने वाले समय में पैदावार बढ़ने की पूरी संभावना है।
वर्तमान स्थिति में उनकी फसल से हर दो दिन में लगभग 20 से 22 क्विंटल खीरे का उत्पादन हो रहा है। आगे चलकर इस उत्पादन में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिससे उन्हें लाखों रुपए तक का मुनाफा मिल सकता है।
मोनू केवल स्थानीय बाजार तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपनी उपज को झांसी की मंडी में भी भेज रहे हैं। वहां उन्हें खीरे के बेहतर दाम मिल रहे हैं। गर्मी के मौसम में खीरे की मांग लगातार बनी रहने के कारण उनकी फसल की बिक्री भी सुचारु रूप से हो रही है।












Leave a Reply