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मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के लंबे समय से प्रतीक्षित बरेठा घाट सेक्शन में सड़क निर्माण का मार्ग अब साफ होता दिखाई दे रहा है। टाइगर कॉरिडोर से जुड़े इस संवेदनशील क्षेत्र में रुका हुआ कार्य जल्द ही शुरू होने की संभावना है। इस घाट को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक को लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की जनसंपर्क अधिकारी अमृतांशी जोशी के अनुसार, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा लगाए गए स्टे के बाद जिन जरूरी अनुमतियों की आवश्यकता थी, उनमें वन्यजीव संरक्षण से संबंधित स्वीकृतियां और अन्य केंद्रीय मंजूरियां अब प्राप्त हो चुकी हैं। इन सभी अनुमतियों को जल्द ही न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर स्टे हटाने (वेकैट) की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आदेश मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
दरअसल, राष्ट्रीय राजमार्ग-46 (NH-46) के अंतर्गत इटारसी से बैतूल के बीच लगभग 20.91 किलोमीटर लंबा बरेठा घाट, केसला और भौंरा रेंज का हिस्सा टाइगर मूवमेंट कॉरिडोर में आता है। वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 1 अप्रैल 2022 को उच्च न्यायालय ने इस क्षेत्र में निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी।
यह बरेठा घाट सेक्शन सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी काफी संवेदनशील माना जाता है। यहां की संकरी और घुमावदार दो-लेन सड़क, ढलान और सीमित दृश्यता के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। पिछले तीन वर्षों में इस क्षेत्र में 50 से अधिक सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई है और अनेक लोग घायल हुए हैं। यही कारण है कि इस मार्ग के उन्नयन को बेहद आवश्यक माना जा रहा है।
NHAI द्वारा तैयार नई योजना के तहत इस सड़क को दो लेन से बढ़ाकर चार लेन किया जाएगा। घुमावदार मार्गों को सुधारा जाएगा और ब्लैक स्पॉट्स का स्थायी समाधान किया जाएगा। परियोजना में तीनों सेक्शनों में 3 माइनर ब्रिज, 38 बॉक्स कलवर्ट, 1 रेलवे अंडरब्रिज, 2 रोड ओवरब्रिज और 1 व्हीकल अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे यातायात अधिक सुगम और सुरक्षित हो सके।
इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत 10 एनिमल अंडरपास और 1 एनिमल ओवरपास बनाए जाएंगे, ताकि टाइगर सहित अन्य वन्यजीवों की आवाजाही बाधित न हो। इसके अलावा क्रैश बैरियर, रंबल स्ट्रिप, साइन बोर्ड, फेंसिंग और अन्य सुरक्षा उपाय भी किए जाएंगे।












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