
समाजसेवी मैना सिंह ने बताया कि बड़वारा मुख्यालय से सरकार को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त होता है, यहाँ दो बड़ी सीमेंट फैक्ट्रियां और दर्जनों खदानें संचालित हैं। आबादी, क्षेत्रफल और रोजगार के अवसरों के मामले में बड़वारा नगर परिषद बनने की सभी योग्यताएं पूरी करता है। उन्होंने कहा कि उचित प्रशासनिक दर्जे के अभाव में क्षेत्र विकास से वंचित है और बड़वारा ग्राम पंचायत को जल्द से जल्द नगर परिषद का दर्जा दिया जाना चाहिए। समाजसेवी राजाराम पटेल ने बताया कि नगर परिषद बनने से दमकल जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी, बिजली और पानी की निकासी में आधुनिक व्यवस्था संभव होगी, नए निवेश आकर्षित होंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। इसके अलावा कचरा प्रबंधन और नगर की साफ-सफाई के लिए अधिक बजट और मशीनरी उपलब्ध हो सकेगी। नायब तहसीलदार अनुराधा सिंह ने बताया कि ज्ञापन उच्च अधिकारियों और शासन को आगे की कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है।
