ग्वालियर-इटावा नेशनल हाईवे 719 को छह लेन में बदलने की मांग को लेकर संत समाज का आंदोलन फिर तेज हो गया है। सोमवार को संत समाज के प्रतिनिधियों ने भिंड कलेक्टर केएल मीणा से मुलाकात कर हाईवे चौड़ीकरण की मांग की। संतों ने कहा कि मौजूदा टू-लेन हाईवे अब ट्रैफिक का दबाव झेलने में असमर्थ है और आए दिन हादसों में लोगों की जान जा रही है, जबकि टोल रोड होने के बावजूद सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं।
संत समाज के अध्यक्ष कालिदास महाराज ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए बताया कि लंबे समय से सिक्स लेन की मांग की जा रही है और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने छह महीने का आश्वासन दिया था जो पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब 29 तारीख को ‘नो रोड, नो टोल’ अभियान के तहत दोनों टोल प्लाजा फ्री कराए जाएंगे और संत सभा आयोजित की जाएगी। भिंड कलेक्टर केएल मीणा ने संतों की बात सुनकर कहा कि शासन हाईवे चौड़ीकरण को लेकर गंभीर है, लेकिन फोरलेन और सिक्स लेन पर भी हादसे होते हैं, जिन्हें केवल सड़क की चौड़ाई से नहीं, बल्कि अनुशासन और स्पीड कंट्रोल से रोका जा सकता है।

उन्होंने बताया कि शासन के निर्णय और प्रक्रिया में अभी एक से डेढ़ महीने का समय लग सकता है। बैठक में परशुराम सेना के जिला अध्यक्ष देवेश शर्मा ने यह भी कहा कि इटावा की ओर लौटने वाले डंपर और ट्रक अक्सर हेल्परों के हवाले किए जाते हैं, जिससे हादसे बढ़ रहे हैं, और हाईवे पर स्पीड कंट्रोल के लिए चेक पॉइंट लगाने और ड्राइवरों के लाइसेंस की नियमित जांच करने की मांग की। प्रशासन ने सुरक्षा उपायों पर कार्रवाई का भरोसा दिया।












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