गुना जिले में हुई एक बड़ी चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के तीन सदस्यों को पंजाब से गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में सूने मकानों को निशाना बनाकर चोरी करता था और चोरी की रकम से नशे की जरूरत पूरी करता था।
कैंट थाना क्षेत्र की द्वारकाधीश टाउनशिप में 2 दिसंबर को हुई चोरी की वारदात के बाद पुलिस हरकत में आई थी। पीड़ित जुगल किशोर ठाकुर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके घर से नकदी, सोने-चांदी के जेवरात और अन्य कीमती सामान चोरी हुआ है। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की।

सीएसपी प्रियंका मिश्रा के निर्देशन और टीआई अनूप कुमार भार्गव के नेतृत्व में गठित टीम ने पंजाब, हरियाणा और बिहार में दबिश देकर जसवीर उर्फ जस्सी निवासी लुधियाना, राजेश शाह और राजू जाट निवासी छपरा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदातों को स्वीकार किया है।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी जसवीर उर्फ जस्सी कभी सेना में भर्ती होकर ट्रेनिंग ले रहा था, लेकिन छह महीने बाद ट्रेनिंग छोड़कर भाग आया। बाद में वह ड्रग्स की लत का शिकार हो गया और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल हो गया। जेल के दौरान उसकी मुलाकात राजेश शाह और राजू जाट से हुई, जिसके बाद तीनों ने मिलकर चोरी का गिरोह बना लिया।

आरोपी कार से नेशनल हाईवे के जरिए अलग-अलग राज्यों में घूमते थे और सूने मकानों की रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। चोरी के बाद वे मध्यप्रदेश के मंदसौर-नीमच क्षेत्र से डोडा चूरा खरीदकर पंजाब ले जाते और बेचते थे। चोरी से मिली रकम का इस्तेमाल नशे के लिए किया जाता था।


पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी शातिर अपराधी हैं और इनके खिलाफ उत्तरप्रदेश, राजस्थान, पंजाब सहित कई राज्यों में चोरी के प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि गिरोह नशे की लत के कारण लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।














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