रतलाम शहर के पटरी पार इलाके में लगभग 10 वार्ड पिछले आठ दिनों से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। नगर निगम इस संकट को हल करने में असफल रहा है, जिससे लोग नाराज़गी जाहिर करने के लिए सड़कों पर उतर आए।
वार्ड नंबर 1 के निवासियों ने वार्ड पार्षद के साथ खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारों की झड़ी लगाई। प्रदर्शन में महापौर और निगम कमिश्नर की कार्यप्रणाली पर भी विरोध जताया गया।
महापौर प्रहलाद पटेल का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे नगर निगम के इंजीनियर भैयालाल चौधरी को पानी की आपूर्ति में हुई गड़बड़ी को लेकर कड़ी फटकार लगाते नजर आए। उन्होंने कहा कि बिना योजना के लाइन शिफ्टिंग शुरू करना नगर निगम के लिए शर्मनाक है और जनता को इसके लिए जवाब देना पड़ रहा है।

इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर करुणेश दंडोतिया भी पहुंचे। वह सड़क पर बैठकर निवासियों की समस्याएं सुनने की कोशिश कर रहे थे। स्थानीय पुलिस अधिकारी और थाना औद्योगिक प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी भी मौके पर मौजूद रहे। लोगों ने महापौर और निगम कमिश्नर के खिलाफ नारे लगाए।
लगभग तीन घंटे तक सड़क पर बैठे रहने के बाद पानी के टैंकर आने पर प्रदर्शन समाप्त हुआ। समस्या का मुख्य कारण ऋतुराज संपवेल की शिफ्ट की गई पाइप लाइन का दबाव सहन न कर पाना और खिसक जाना बताया गया है। इससे पटरी पार के 13 वार्डों में से 9 वार्डों में जलापूर्ति प्रभावित हुई।

क्षेत्रीय कांग्रेस वार्ड पार्षद भावना हितेश पैमाल ने बताया कि आठ दिन से घरों में पीने का पानी नहीं पहुंच रहा। आ रहे टैंकर भी कीचड़युक्त थे। कॉलोनी के सरकारी नल भी हटा दिए गए हैं, जिससे लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं।
एक अन्य निवासी, गायत्री यादव ने कहा कि जनप्रतिनिधि केवल वोट के समय ही आते हैं, जबकि वास्तविक समस्याओं की ओर ध्यान नहीं देते। डिप्टी कमिश्नर करुणेश दंडोतिया ने बताया कि पाइपलाइन टूटने और शिफ्टिंग के काम के कारण जल आपूर्ति में व्यवधान आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या जल्द हल कर दी जाएगी और टैंकर सेवा जारी है।












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