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शाजापुर में मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे राष्ट्रीय बौद्ध महासभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम मनीषा वास्कले को सौंपा। महासभा ने ज्ञापन में पांच प्रमुख मांगें रखीं, जिन्हें उन्होंने सार्वजनिक हित में स्वीकार करने का आग्रह किया।
पहली मांग में बौद्ध महासभा ने बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार का प्रबंधन पूर्ण रूप से बौद्ध समुदाय को सौंपने की अपील की। महासभा का कहना है कि वर्तमान 1949 का बीटी एक्ट असंवैधानिक है और इसे समाप्त कर महाविहार का नियंत्रण बौद्धों को मिलना चाहिए।
दूसरी प्रमुख मांग में महासभा ने सावित्रीबाई फुले को भारत रत्न से सम्मानित करने की बात कही। पदाधिकारियों ने बताया कि सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं और वंचित वर्गों की शिक्षा तथा सामाजिक न्याय के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
ज्ञापन में बौद्ध धर्म के लिए पृथक पर्सनल लॉ बनाए जाने की मांग, पाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की अपील और सावित्रीबाई फुले, महात्मा ज्योतिबा फुले एवं फातिमा शेख के जीवन संघर्ष को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात भी की गई। महासभा ने आशा जताई कि सरकार इन जनहितकारी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।












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