बैतूल बाजार नगर परिषद के बिजली बिल से बिना किसी बकाया के लगभग 6 लाख 50 हजार रुपए की राशि कटने का मामला सामने आया है। यह गड़बड़ी नगर परिषद में पदस्थ लेखापाल एवं प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) जी.आर. देशमुख की सतर्कता के कारण सामने आई।
जांच में पता चला कि नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय द्वारा नवंबर और दिसंबर 2025 तथा जनवरी 2026 की चुंगी क्षतिपूर्ति राशि से बिजली विभाग के लिए यह रकम काट ली गई थी। जबकि बैतूल बाजार नगर परिषद नियमित रूप से अपने बिजली बिलों का भुगतान करती रही है और हर बार भुगतान के बाद बिजली विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी प्राप्त किया जाता रहा है।
प्रभारी सीएमओ जी.आर. देशमुख ने बताया कि नगर परिषद हर माह समय पर बिजली बिल जमा करती है और भुगतान के बाद बिजली विभाग से नो-ड्यूज प्रमाण पत्र भी लिया जाता है। उन्होंने इतनी बड़ी राशि की कटौती को गंभीर मामला बताते हुए तत्काल इसकी जानकारी नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय की वित्त शाखा में पदस्थ संयुक्त संचालक को दी। इसके साथ ही उन्होंने पूरे मामले का विस्तृत प्रतिवेदन भी भेजा है।
इस कार्रवाई के बाद फरवरी 2026 में निकाय को मिलने वाली चुंगी क्षतिपूर्ति राशि से बिजली बिल की कोई कटौती नहीं की गई। देशमुख ने बैतूल बाजार विद्युत वितरण कंपनी के सहायक प्रबंधक को पत्र लिखकर कहा है कि पहले काटी गई 6 लाख 50 हजार रुपए की राशि का समायोजन अप्रैल माह के बिजली बिल में किया जाए, जिसका भुगतान मई में होना है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में इस राशि का समायोजन नहीं किया गया तो नगर परिषद आगे से बिजली बिल का भुगतान नहीं करेगी।












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